Login
Lorem ipsum dolor sit amet, consectetur adipiscing elit. Morbi adipiscing gravdio, sit amet suscipit risus ultrices eu. Fusce viverra neque at purus laoreet consequa. Vivamus vulputate posuere nisl quis consequat.
Create an accountLost your password? Please enter your username and email address. You will receive a link to create a new password via email.
वैसे तो पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥â€à¤¨à¥‡à¤‚सी के पूरे नौ महीने महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ होते हैं लेकिन आखिरी महीनों में बहà¥à¤¤ जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ सावधानी बरतने की जरूरत होती है। आठवां महीना बहà¥à¤¤ नाजà¥à¤• होता है इसलिठइस समय आपको विशेष सावधानियां बरतनी चाहिà¤à¥¤
अपनी पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥â€à¤¨à¥‡à¤‚सी के आठवें महीने में आप अपनी गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥â€à¤¥à¤¾ के अंतिम चरण में हैं। इस समय बचà¥â€à¤šà¥‡ का आकार à¤à¤¸à¤¾ है कि उसने आपके गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ को घेर रखा है इसलिठवह अब पहले की तरह आपके पेट में उछलकूद नहीं कर सकता। अब उसके करवट लेने या हाथ-पैरों को हिलाने-डà¥à¤²à¤¨à¥‡ की गतिविधियां होती रहेंगी। अब आपको उसके मूवमेंट पर पूरा धà¥â€à¤¯à¤¾à¤¨ रखना है। इनमें कमी या तेजी होते ही अपने डॉकà¥â€à¤Ÿà¤° से संपरà¥à¤• कीजिà¤à¥¤
इस महीने आपको और कौन सी सावधानियां बरतनी हैं आइठउन पर कà¥à¤› चरà¥à¤šà¤¾ कर ली जाà¤:
पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी में करेंगी ये काम, तो पकà¥â€à¤•ा आपकी होगी नॉरà¥à¤®à¤² डिलीवरी -
अगर आप चाहती हैं कि आपकी नॉरà¥à¤®à¤² डिलीवरी हो तो आप किसी à¤à¤¸à¥‡ डॉकà¥à¤Ÿà¤° या गायनेकोलोजिसà¥à¤Ÿ को ढूंढें तो इस काम में माहिर हो। नॉरà¥à¤®à¤² डिलीवरी में à¤à¤•à¥à¤¸à¤ªà¤°à¥à¤Ÿ डॉकà¥à¤Ÿà¤° आपको पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी के टाइम पर ही गाइड करके नॉरà¥à¤®à¤² डिलीवरी के चांसेस को बढ़ाने में आपकी मदद कर सकते हैं।
लेबर पेन के दौरान à¤à¥€ इनकी सलाह आपके काम आ सकती है। à¤à¤•à¥â€à¤¸à¤ªà¤°à¥à¤Ÿ की सलाह से आप नेचà¥à¤°à¤² बरà¥à¤¥ में मदद करने वाले विकलà¥à¤ªà¥‹à¤‚ और तरीकों के बारे में जान सकती हैं।
-
à¤à¤¸à¥‡ कई तरीके हैं जिनकी मदद से पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंट महिला पेट में उठने वाली कॉनà¥â€à¤Ÿà¥à¤°à¥ˆà¤•à¥â€à¤¶à¤¨ को सहन कर सकती है। आपको दरà¥à¤¦ होने पर रिलैकà¥â€à¤¸ रहने की तकनीक सीखनी है। इस काम में कई à¤à¤•à¥â€à¤¸à¤°à¤¸à¤¾à¤‡à¤œ आपकी मदद कर सकती हैं।
अपने पारà¥à¤Ÿà¤¨à¤° को कंधे और गरà¥à¤¦à¤¨ की मांसपेशियों को तेजी से दबाने के लिठकहें। इससे आप मांसपेशियों को रिलैकà¥â€à¤¸ करना सीख पाà¤à¤‚गी और डिलीवरी के लिठअपने दिमाग को तैयार कर पाà¤à¤‚गी।
जो महिलाà¤à¤‚ पहली बार मां बन रही हैं, उनà¥â€à¤¹à¥‡à¤‚ खासतौर पर योनि और गà¥à¤¦à¤¾ के बीच के हिसà¥â€à¤¸à¥‡ यानी पेरिनियम यानी मूलाधार की मालिश करवानी चाहिà¤à¥¤ मालिश से इस हिसà¥â€à¤¸à¥‡ की मांसपेशियां रिलैकà¥â€à¤¸ होकर डिलीवरी के लिठतैयार होती हैं।
नौवें महीने में à¤à¤• हफà¥à¤¤à¥‡ में à¤à¤• या दो बार मालिश करवाने से आपकी बॉडी का निचला हिसà¥â€à¤¸à¤¾ नॉरà¥à¤®à¤² डिलीवरी के लिठतैयार होता है।
आपको पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी में अकà¥â€à¤¸à¤° आराम करने की सलाह देते हैं जबकि आपको गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥â€à¤¥à¤¾ में आराम करने के साथ-साथ à¤à¤•à¥â€à¤Ÿà¤¿à¤µ रहना à¤à¥€ होता है। आपकी नॉरà¥à¤®à¤² डिलीवरी होनी हो या ऑपरेशन से बचà¥â€à¤šà¤¾ पैदा हो, दोनों ही सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी के दौरान à¤à¤•à¥â€à¤Ÿà¤¿à¤µ रहना जरूरी होता है।
इसके अलावा पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी में गलत पोसà¥â€à¤šà¤° में बैठना या लेटना à¤à¥€ नà¥à¤•सानदायक होता है। इसका असर डिलीवरी के समय शिशॠकी पोजीशन पर पड़ सकता है। आप डॉकà¥â€à¤Ÿà¤°à¥€ सलाह से नौवें महीने में à¤à¥€ कà¥à¤› à¤à¤•à¥â€à¤¸à¤°à¤¸à¤¾à¤‡à¤œ कर सकती हैं। ये डिलीवरी के लिठशिशॠको सही पोजीशन में लाने में मदद करेंगी।
-
डॉकà¥â€à¤Ÿà¤° पहले ही आपको आपकी डिलीवरी डेट बता देते हैं। आपकी डिलीवरी इस डेट से कà¥à¤› दिन पहले या कà¥à¤› दिन बाद हो सकती है, इसलिठइस डेट के आसपास के दिनों में घर पर ही रहें। अपने घर पर शांत माहौल रखें ताकि आपका शरीर रिलैकà¥â€à¤¸ रहे और सà¥â€à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤¸ बिलà¥â€à¤•à¥à¤² न लें, कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚कि पà¥à¤°à¤¸à¤µ में इसकी वजह से परेशानी पैदा हो सकती है।
देर तक खड़े न रहें
यह आठवें महीने की सबसे अहम सावधानी है। जैसे-जैसे बचà¥â€à¤šà¥‡ का वजन बढ़ता है आपके पेट और पेडू के इलाके में दबाव बढ़ता जाता है। अपने को à¤à¥à¤•ने से बचाने के लिठआप पीछे की ओर à¤à¥à¤•ती हैं। इससे आपकी पीठमें काफी दरà¥à¤¦ होता है। इसलिठअपनी पीठके दरà¥à¤¦ को धà¥â€à¤¯à¤¾à¤¨ में रखकर इस समय जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ देर तक खड़े होने वाले काम न कीजिà¤à¥¤
पूरी नींद लें
इस समय बेहद जरूरी है कि आप कम से कम रात में आठघंटे की नींद लें। इसके अलावा दिन में à¤à¥€ कà¥à¤› देर आराम अवशà¥â€à¤¯ करें।
पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी में करेंगी ये काम, तो पकà¥â€à¤•ा आपकी होगी नॉरà¥à¤®à¤² डिलीवरी
-अगर आप चाहती हैं कि आपकी नॉरà¥à¤®à¤² डिलीवरी हो तो आप किसी à¤à¤¸à¥‡ डॉकà¥à¤Ÿà¤° या गायनेकोलोजिसà¥à¤Ÿ को ढूंढें तो इस काम में माहिर हो। नॉरà¥à¤®à¤² डिलीवरी में à¤à¤•à¥à¤¸à¤ªà¤°à¥à¤Ÿ डॉकà¥à¤Ÿà¤° आपको पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी के टाइम पर ही गाइड करके नॉरà¥à¤®à¤² डिलीवरी के चांसेस को बढ़ाने में आपकी मदद कर सकते हैं।
लेबर पेन के दौरान à¤à¥€ इनकी सलाह आपके काम आ सकती है। à¤à¤•à¥â€à¤¸à¤ªà¤°à¥à¤Ÿ की सलाह से आप नेचà¥à¤°à¤² बरà¥à¤¥ में मदद करने वाले विकलà¥à¤ªà¥‹à¤‚ और तरीकों के बारे में जान सकती हैं।
-
à¤à¤¸à¥‡ कई तरीके हैं जिनकी मदद से पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंट महिला पेट में उठने वाली कॉनà¥â€à¤Ÿà¥à¤°à¥ˆà¤•à¥â€à¤¶à¤¨ को सहन कर सकती है। आपको दरà¥à¤¦ होने पर रिलैकà¥â€à¤¸ रहने की तकनीक सीखनी है। इस काम में कई à¤à¤•à¥â€à¤¸à¤°à¤¸à¤¾à¤‡à¤œ आपकी मदद कर सकती हैं।
अपने पारà¥à¤Ÿà¤¨à¤° को कंधे और गरà¥à¤¦à¤¨ की मांसपेशियों को तेजी से दबाने के लिठकहें। इससे आप मांसपेशियों को रिलैकà¥â€à¤¸ करना सीख पाà¤à¤‚गी और डिलीवरी के लिठअपने दिमाग को तैयार कर पाà¤à¤‚गी।
जो महिलाà¤à¤‚ पहली बार मां बन रही हैं, उनà¥â€à¤¹à¥‡à¤‚ खासतौर पर योनि और गà¥à¤¦à¤¾ के बीच के हिसà¥â€à¤¸à¥‡ यानी पेरिनियम यानी मूलाधार की मालिश करवानी चाहिà¤à¥¤ मालिश से इस हिसà¥â€à¤¸à¥‡ की मांसपेशियां रिलैकà¥â€à¤¸ होकर डिलीवरी के लिठतैयार होती हैं।
नौवें महीने में à¤à¤• हफà¥à¤¤à¥‡ में à¤à¤• या दो बार मालिश करवाने से आपकी बॉडी का निचला हिसà¥â€à¤¸à¤¾ नॉरà¥à¤®à¤² डिलीवरी के लिठतैयार होता है।
आपको पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी में अकà¥â€à¤¸à¤° आराम करने की सलाह देते हैं जबकि आपको गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥â€à¤¥à¤¾ में आराम करने के साथ-साथ à¤à¤•à¥â€à¤Ÿà¤¿à¤µ रहना à¤à¥€ होता है। आपकी नॉरà¥à¤®à¤² डिलीवरी होनी हो या ऑपरेशन से बचà¥â€à¤šà¤¾ पैदा हो, दोनों ही सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी के दौरान à¤à¤•à¥â€à¤Ÿà¤¿à¤µ रहना जरूरी होता है।
इसके अलावा पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी में गलत पोसà¥â€à¤šà¤° में बैठना या लेटना à¤à¥€ नà¥à¤•सानदायक होता है। इसका असर डिलीवरी के समय शिशॠकी पोजीशन पर पड़ सकता है। आप डॉकà¥â€à¤Ÿà¤°à¥€ सलाह से नौवें महीने में à¤à¥€ कà¥à¤› à¤à¤•à¥â€à¤¸à¤°à¤¸à¤¾à¤‡à¤œ कर सकती हैं। ये डिलीवरी के लिठशिशॠको सही पोजीशन में लाने में मदद करेंगी।
-
डॉकà¥â€à¤Ÿà¤° पहले ही आपको आपकी डिलीवरी डेट बता देते हैं। आपकी डिलीवरी इस डेट से कà¥à¤› दिन पहले या कà¥à¤› दिन बाद हो सकती है, इसलिठइस डेट के आसपास के दिनों में घर पर ही रहें। अपने घर पर शांत माहौल रखें ताकि आपका शरीर रिलैकà¥â€à¤¸ रहे और सà¥â€à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤¸ बिलà¥â€à¤•à¥à¤² न लें, कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚कि पà¥à¤°à¤¸à¤µ में इसकी वजह से परेशानी पैदा हो सकती है।
तनाव से दूर रहें
इस समय तनाव करने से बचà¥â€à¤šà¥‡ के ऊपर à¤à¥€ उसका असर पड़ता है। इसलिठतनाव से दूर रहें।
पीठके बल न लेटें
आप अपनी पीठके बल न लेटें। इस समय आपका वजन बहà¥à¤¤ जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ बढ़ गया है। पीठके बल लेटना आपके लिठà¤à¥€ असहज होगा और बचà¥â€à¤šà¥‡ के लिठà¤à¥€à¥¤
पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी में करेंगी ये काम, तो पकà¥â€à¤•ा आपकी होगी नॉरà¥à¤®à¤² डिलीवरी
-
अगर आप चाहती हैं कि आपकी नॉरà¥à¤®à¤² डिलीवरी हो तो आप किसी à¤à¤¸à¥‡ डॉकà¥à¤Ÿà¤° या गायनेकोलोजिसà¥à¤Ÿ को ढूंढें तो इस काम में माहिर हो। नॉरà¥à¤®à¤² डिलीवरी में à¤à¤•à¥à¤¸à¤ªà¤°à¥à¤Ÿ डॉकà¥à¤Ÿà¤° आपको पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी के टाइम पर ही गाइड करके नॉरà¥à¤®à¤² डिलीवरी के चांसेस को बढ़ाने में आपकी मदद कर सकते हैं।
लेबर पेन के दौरान à¤à¥€ इनकी सलाह आपके काम आ सकती है। à¤à¤•à¥â€à¤¸à¤ªà¤°à¥à¤Ÿ की सलाह से आप नेचà¥à¤°à¤² बरà¥à¤¥ में मदद करने वाले विकलà¥à¤ªà¥‹à¤‚ और तरीकों के बारे में जान सकती हैं।
-
à¤à¤¸à¥‡ कई तरीके हैं जिनकी मदद से पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंट महिला पेट में उठने वाली कॉनà¥â€à¤Ÿà¥à¤°à¥ˆà¤•à¥â€à¤¶à¤¨ को सहन कर सकती है। आपको दरà¥à¤¦ होने पर रिलैकà¥â€à¤¸ रहने की तकनीक सीखनी है। इस काम में कई à¤à¤•à¥â€à¤¸à¤°à¤¸à¤¾à¤‡à¤œ आपकी मदद कर सकती हैं।
अपने पारà¥à¤Ÿà¤¨à¤° को कंधे और गरà¥à¤¦à¤¨ की मांसपेशियों को तेजी से दबाने के लिठकहें। इससे आप मांसपेशियों को रिलैकà¥â€à¤¸ करना सीख पाà¤à¤‚गी और डिलीवरी के लिठअपने दिमाग को तैयार कर पाà¤à¤‚गी।
जो महिलाà¤à¤‚ पहली बार मां बन रही हैं, उनà¥â€à¤¹à¥‡à¤‚ खासतौर पर योनि और गà¥à¤¦à¤¾ के बीच के हिसà¥â€à¤¸à¥‡ यानी पेरिनियम यानी मूलाधार की मालिश करवानी चाहिà¤à¥¤ मालिश से इस हिसà¥â€à¤¸à¥‡ की मांसपेशियां रिलैकà¥â€à¤¸ होकर डिलीवरी के लिठतैयार होती हैं।
नौवें महीने में à¤à¤• हफà¥à¤¤à¥‡ में à¤à¤• या दो बार मालिश करवाने से आपकी बॉडी का निचला हिसà¥â€à¤¸à¤¾ नॉरà¥à¤®à¤² डिलीवरी के लिठतैयार होता है।
आपको पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी में अकà¥â€à¤¸à¤° आराम करने की सलाह देते हैं जबकि आपको गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥â€à¤¥à¤¾ में आराम करने के साथ-साथ à¤à¤•à¥â€à¤Ÿà¤¿à¤µ रहना à¤à¥€ होता है। आपकी नॉरà¥à¤®à¤² डिलीवरी होनी हो या ऑपरेशन से बचà¥â€à¤šà¤¾ पैदा हो, दोनों ही सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी के दौरान à¤à¤•à¥â€à¤Ÿà¤¿à¤µ रहना जरूरी होता है।
इसके अलावा पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी में गलत पोसà¥â€à¤šà¤° में बैठना या लेटना à¤à¥€ नà¥à¤•सानदायक होता है। इसका असर डिलीवरी के समय शिशॠकी पोजीशन पर पड़ सकता है। आप डॉकà¥â€à¤Ÿà¤°à¥€ सलाह से नौवें महीने में à¤à¥€ कà¥à¤› à¤à¤•à¥â€à¤¸à¤°à¤¸à¤¾à¤‡à¤œ कर सकती हैं। ये डिलीवरी के लिठशिशॠको सही पोजीशन में लाने में मदद करेंगी।
-
डॉकà¥â€à¤Ÿà¤° पहले ही आपको आपकी डिलीवरी डेट बता देते हैं। आपकी डिलीवरी इस डेट से कà¥à¤› दिन पहले या कà¥à¤› दिन बाद हो सकती है, इसलिठइस डेट के आसपास के दिनों में घर पर ही रहें। अपने घर पर शांत माहौल रखें ताकि आपका शरीर रिलैकà¥â€à¤¸ रहे और सà¥â€à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤¸ बिलà¥â€à¤•à¥à¤² न लें, कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚कि पà¥à¤°à¤¸à¤µ में इसकी वजह से परेशानी पैदा हो सकती है।
कई बार थोड़ा-थोड़ा खाà¤à¤‚
à¤à¤• बार में ही à¤à¤°à¤ªà¥‡à¤Ÿ खाने की जगह आप थोड़ी मातà¥à¤°à¤¾ में कई बार खाà¤à¤‚। इससे à¤à¤¸à¤¿à¤¡à¤¿à¤Ÿà¥€ की समसà¥â€à¤¯à¤¾ नहीं होगी।
वॉक पर जरूर जाà¤à¤‚
सà¥à¤¬à¤¹-शाम आधे घंटे घूमने से शरीर में रकà¥â€à¤¤ संचार ठीक रहेगा। इसके अलावा मनोदशा à¤à¥€ सà¥à¤–द रहेगी और आप तनाव से दूर रहेंगी।
| --------------------------- | --------------------------- |